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कबà¥à¤œ
कबà¥à¤œ पाचन तंतà¥à¤° की उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहते हैं जिसमें कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ (या जानवर) का मल बहà¥à¤¤ कड़ा हो जाता है तथा मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— में कठिनाई होती है। कबà¥à¤œ अमाशय की सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ की वह अवसà¥à¤¥à¤¾ है, जिसमें मल निषà¥à¤•ासन की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो जाती है, मल कड़ा हो जाता है, उसकी आवृति घट जाती है या मल निषà¥à¤•ासन के समय अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• बल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना पड़ता है।
सामानà¥à¤¯ आवृति और अमाशय की गति वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ विशेष पर निरà¥à¤à¤° करती है। (à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में 7 से 12 बार मल निषà¥à¤•ासन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ मानी जाती है। कबà¥à¤œ होने से शौच करने में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है, पाचनतंतà¥à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है,जिसके कारण शौच करने में बहà¥à¤¤ पीड़ा होती होती है ,किसी को केवल गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है. किसी को खाने का पाचन ठीक से नहीं हो पाता है। और आजकल कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ से बचà¥à¤šà¥‡ और यà¥à¤µà¤¾ पीढ़ी दोनों परेशान हो चà¥à¤•े है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दो या तीन दिन तक शौच नहीं हो पाता है।तो कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है।
पेट में शà¥à¤·à¥à¤• मल का जमा होना ही कबà¥à¤œ है। यदि कबà¥à¤œ का शीघà¥à¤° ही उपचार नहीं किया जाये तो शरीर में अनेक विकार उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाते हैं। कबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¤ का मतलब ही पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ पेट साफ न होने से है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दिन में दो बार यानी सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को तो मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के लिये जाना ही चाहिये। दो बार नहीं तो कम से कम à¤à¤• बार तो जाना आवशà¥à¤¯à¤• है। नितà¥à¤¯ कम से कम सà¥à¤¬à¤¹ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— न कर पाना असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ की निशानी है।
पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण
कम रेशायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करना ; à¤à¥‹à¤œà¤¨ में फायबर (Fibers) का अà¤à¤¾à¤µà¥¤
अलà¥à¤ªà¤à¥‹à¤œà¤¨ गà¥à¤°à¤¹à¤£ करना।
शरीर में पानी का कम होना
कम चलना या काम करना ; किसी तरह की शारीरिक मेहनत न करना; आलसà¥à¤¯ करना; शारीरिक काम के बजाय दिमागी काम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करना।
कà¥à¤› खास दवाओं का सेवन करना
बड़ी आंत में घाव या चोट के कारण (यानि बड़ी आंत में कैंसर)
थायरॉयड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का कम बनना
कैलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤® और पोटैशियम की कम मातà¥à¤°à¤¾
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के रोगियों में पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾
कंपवाद (पारà¥à¤•िंसन बीमारी)
चाय, कॉफी बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीना। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करना व शराब पीना।
गरिषà¥à¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ देर से पचने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करना।
आà¤à¤¤, लिवर और तिलà¥à¤²à¥€ की बीमारी।
दà¥:ख, चिनà¥à¤¤à¤¾, डर आदि का होना।
सही समय पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ न करना।
बदहजमी और मंदागà¥à¤¨à¤¿ (पाचक अगà¥à¤¨à¤¿ का धीमा पड़ना)।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ खूब चबा-चबाकर न करना अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ जबरदसà¥à¤¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ ठूà¤à¤¸à¤¨à¤¾à¥¤ जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना।
बगैर à¤à¥‚ख के à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उपवास करना।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ को चबाने पर न होकर कहीं और होना।
खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद पानी पीना: खाना खाने के बाद तà¥à¤°à¤‚त पानी पीने से खाना अचà¥à¤›à¥€ तरह से डाइजेसà¥à¤Ÿ नहीं हो पाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि खाना पचाने के लिठहाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤²à¥‹à¤°à¤¿à¤• अमà¥à¤² होता है और आप अगर तà¥à¤°à¤‚त पानी पी लेंगे तो यह पतला हो जाता है, जिसकी वजह से यह अचà¥à¤›à¥‡ से खाने को पचा नहीं पाता है और आपको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है।
लकà¥à¤·à¤£
सासों की बदबू
लेपित जीब
बहती नाक
à¤à¥‚ख में कमी
सरदरà¥à¤¦
चकà¥à¤•र आना
जी मिचलाना
चहरे पर दाने
मà¥à¤à¤¹ में अलà¥à¤¸à¤°
पेट में लगातार परिपूरà¥à¤£à¤¤à¤¾
उपाय
रेशायà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤¤ सेवन करना, जैसे साबूत अनाज
ताजा फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सेवन करना
परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिठजिससे शरीर में गतिविधिया बढ़ती है। कबà¥à¤œ के समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती है।
वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवेन कम करे
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ आने पर चिकितà¥à¤¸à¤• से सलाह लेना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
खाने में à¤à¤¸à¥€ चीजें ले, जिâ€à¤¨à¤¸à¥‡ पेट सà¥â€à¤µà¤¯à¤‚ ही साफ हो जाय।
नमक – छोटी हरड और काला नमक समान मातà¥à¤°à¤¾ में मिâ€à¤²à¤¾à¤•र पीस लें। निâ€à¤¤à¥â€à¤¯ रात को इसकी दो चाय की चमà¥â€à¤®à¤š गरà¥à¤® पानी से लेने से दसà¥â€à¤¤ साफ आता हैं।
ईसबगोल – दो चाय चमà¥â€à¤®à¤š ईसबगोल 6 घणà¥â€à¤Ÿà¥‡ पानी में à¤à¤¿â€à¤—ोकर इतनी ही मिâ€à¤¶à¥à¤°à¥€ मिâ€à¤²à¤¾à¤•र जल से लेने से दसà¥â€à¤¤ साफ आता हैं। केवल मिâ€à¤¶à¥à¤°à¥€ और ईसबगोल मिâ€à¤²à¤¾ कर बिâ€à¤¨à¤¾ à¤à¤¿â€à¤—ोये à¤à¥€ ले सकते हैं।
चना – कबà¥â€à¤œ वालों के लिâ€à¤ चना उपकारी है। इसे à¤à¤¿â€à¤—ो के खाना शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥â€à¤ है। यदि†à¤à¥€à¤—ा हà¥à¤† चना न पचे तो चने उबालकर नमक अदरक मिâ€à¤²à¤¾à¤•र खाना चाहिâ€à¤à¥¤ चेने के आटे की रोटी खाने से कबà¥â€à¤œ दूर होती है। यह पौषà¥â€à¤¿â€à¤Ÿà¤• à¤à¥€ है। केवल चने के आटे की रोटी अचà¥â€à¤›à¥€ नहीं लगे तो गेहूं और चने मिâ€à¤²à¤¾à¤•र रोटी बनाकर खाना à¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हैं। à¤à¤• या दो मà¥à¤Ÿà¤ ी चने रात को à¤à¤¿â€à¤—ो दें। पà¥à¤°à¤¾à¤¤: जीरा और सौंठपीसकर चनों पर डालकर खायें। घणà¥â€à¤Ÿà¥‡ à¤à¤° बाद चने à¤à¤¿â€à¤—ोये गये पानी को à¤à¥€ पी लें। इससे कबà¥â€à¤œ दूर होगी।
बेल – पका हà¥à¤† बेल का गूदा पानी में मसल कर मिâ€à¤²à¤¾à¤•र शरà¥à¤¬à¤¤ बनाकर पीना कबà¥â€à¤œ के लिâ€à¤ बहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• हैं। यह आà¤à¤¤à¥‹à¤‚ का सारा मल बाहर निâ€à¤•ाल देता है।
नीबू – नीमà¥â€à¤¬à¥‚ का रस गरà¥à¤® पानी के साथ रातà¥à¤°à¤¿â€ में लेने से दसà¥â€à¤¤ खà¥à¤²à¤•र आता हैं। नीमà¥â€à¤¬à¥‚ का रस और शकà¥â€à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¥â€à¤¯à¥‡à¤• 12 गà¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¤• गिâ€à¤²à¤¾à¤¸ पानी में मिâ€à¤²à¤¾à¤•र रात को पीने से कà¥à¤› ही दिâ€à¤¨à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ कबà¥â€à¤œ दूर हो जाती है।
नारंगी – सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥â€à¤¤à¥‡ में नारंगी का रस कई दिâ€à¤¨ तक पीते रहने से मल पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिâ€à¤• रूप से आने लगता है। यह पाचन शकà¥â€à¤¤à¤¿â€ बढ़ाती हैं।
मेथी – के पतà¥â€à¤¤à¥‹à¤‚ की सबà¥â€à¤œà¥€ खाने से कबà¥â€à¤œ दूर हो जाती है।
गेहूठके पौधों (गेहूठके जवारे) का रस लेने से कबà¥â€à¤œ नहीं रहती है।
धनिया – सोते समय आधा चमà¥â€à¤®à¤š पिâ€à¤¸à¥€ हà¥à¤ˆ सौंफ की फंकी गरà¥à¤® पानी से लेने से कबà¥â€à¤œ दूर होती है।
दालचीनी – सोंठ, इलायची जरा सी मिâ€à¤²à¤¾ कर खाते रहने से लाठहोता है।
टमाटर कबà¥â€à¤œà¥€ दूर करने के लिâ€à¤ अचूक दवा का काम करता है। अमाशà¥â€à¤¯ आà¤à¤¤à¥‹à¤‚ में जमा मल पदारà¥à¤¥ निâ€à¤•ालने में और अंगों को चेतनता पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में बडी मदद करता है। शरीर के अनà¥â€à¤¦à¤°à¥‚नी अवयवों को सà¥â€à¤«à¥‚रà¥à¤¤à¤¿â€ देता है|
गà¥à¤¡à¤¼ – दो चमà¥à¤®à¤š अजवाइन और दो चमà¥à¤®à¤š के लगà¤à¤— गà¥à¤£ लेकर उसे पाउडर की तरह तैयार करले, आप इन दोनों को अचà¥à¤›à¥€ तरह मिला लें और इनका गोली बना लें। जब à¤à¥€ आपको पेट में दरà¥à¤¦ हो या आपको लगे कि पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ है तो आप à¤à¤• गोली इसमें से खा ले यह आपका पेट तà¥à¤°à¤‚त ठीक कर देगा। इसका सेवन करने से आप का कबà¥à¤œ जड़ से खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ –रोज सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट 10 से 12 पतà¥à¤¤à¥‡ तà¥à¤²à¤¸à¥€ के चबा चबाकर खाà¤à¤‚ और à¤à¤• गिलास पानी पी लें à¤à¤¸à¤¾ करने से आप का लीवर à¤à¥€ मजबूत होगा पेट में गैस बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ और कबà¥à¤œ à¤à¥€ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤—ा।
जीरा –à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š जीरा और à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š अजवायन ले इन दोनों को हलà¥à¤•ा सा à¤à¥‚न लें अब आप को सौंफ लेना है सौंफ को à¤à¥‚लना नहीं है इन तीनों को अचà¥à¤›à¥‡ से पीसकर इनका पाउडर तैयार कर लें और इसमें सà¥à¤µà¤¾à¤¦ अनà¥à¤¸à¤¾à¤° काला नमक मिला लें। खाना खाने के आधे घंटे बाद à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š इसका सेवन करें हलà¥à¤•े गरà¥à¤® पानी के साथ आपको कबà¥à¤œ में बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम मिलेगा।
पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ – पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की चाय बनाकर पीने से à¤à¥€ कबà¥à¤œ ठीक हो जाता है।
पपीता – रोज सà¥à¤¬à¤¹ कचà¥à¤šà¥‡ पपीते का सेवन करने से à¤à¤¯à¤‚कर से à¤à¤¯à¤‚कर पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ कबà¥à¤œ à¤à¥€ ठीक हो जाता है।
सेब – रोज सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¤• सेब का सेवन करते हैं तो इससे आप को बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदा मिलेगा पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हर समसà¥à¤¯à¤¾ ठीक हो जाà¤à¤—ी।
अनà¥à¤¯ उपाय
१) इसबगोल की की à¤à¥‚सी कबà¥à¤œ में परम हितकारी है। दूध या पानी के साथ २-३ चमà¥à¤®à¤š इसबगोल की à¤à¥‚सी रात को सोते वकà¥à¤¤ लेना फ़ायदे मंद है। दसà¥à¤¤ खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ होने लगता है।यह à¤à¤• कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ रेशा है और आंतों की सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ बढाता है।
२) नींबू कबà¥à¤œ में गà¥à¤£à¥à¤•ारी है। मामà¥à¤²à¥€ गरम जल में à¤à¤• नींबू निचोडकर दिन में २-३बार पियें। जरूर लाठहोगा।
नीमà¥â€à¤¬à¥‚ का रस गरà¥à¤® पानी के साथ रातà¥à¤°à¤¿â€ में लेने से दसà¥â€à¤¤ खà¥à¤²à¤•र आता हैं। नीमà¥â€à¤¬à¥‚ का रस और शकà¥â€à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¥â€à¤¯à¥‡à¤• 12 गà¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¤• गिâ€à¤²à¤¾à¤¸ पानी में मिâ€à¤²à¤¾à¤•र रात को पीने से कà¥à¤› ही दिâ€à¤¨à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ कबà¥â€à¤œ दूर हो जाती है।
३) à¤à¤• गिलास दूध में १-२ चामà¥à¤®à¤š घी मिलाकर रात को सोते समय पीने से à¤à¥€ कबà¥à¤œ रोग का समाधान होता है।
४) à¤à¤• कप गरम जल में १ चमà¥à¤®à¥à¤š शहद मिलाकर पीने से कबà¥à¤œ मिटती है। यह मिशà¥à¤°à¤£ दिन में ३ बार पीना हितकर है।
५) जलà¥à¤¦à¥€ सà¥à¤¬à¤¹ उठकर à¤à¤• लिटर मामूली गरम पानी पीकर २-३ किलोमीटर घूमने जाà¤à¤‚। कबà¥à¤œ का बेहतरीन उपचार है।
६) दो सेवफ़ल पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ खाने से कबà¥à¤œ में लाठहोता है।
à¥) अमरूद और पपीता ये दोनो फ़ल कबà¥à¤œ रोगी के लिये अमॄत समान है। ये फ़ल दिन में किसी à¤à¥€ समय खाये जा सकते हैं। इन फ़लों में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रेशा होता है और आंतों को शकà¥à¤¤à¤¿ देते हैं। मल आसानी से विसरà¥à¤œà¥€à¤¤ होता है।
८) अंगूर में कबà¥à¤œ निवारण के गà¥à¤£ हैं। सूखे अंगूर याने किशà¥à¤®à¤¿à¤¶ पानी में ३ घनà¥à¤Ÿà¥‡ गलाकर खाने से आंतों को ताकत मिलती है और दसà¥à¤¤ आसानी से आती है। जब तक बाजार में अंगूर मिलें नियमित रूप से उपयोग करते रहें।
९) अलसी के बीज का मिकà¥à¤¸à¤° में पावडर बनालें। à¤à¤• गिलास पानी में २० गà¥à¤°à¤¾à¤® के करीब यह पावडर डालें और ३-४ घनà¥à¤Ÿà¥‡ तक गलने के बाद छानकर यह पानी पी जाà¤à¤‚। बेहद उपकारी ईलाज है। अलसी में पà¥à¤°à¤šà¥à¤° ओमेगा फ़ेटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¥à¤¸ होते हैं जो कबà¥à¤œ निवारण में महती à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
१०) पालक का रस या पालक कचà¥à¤šà¤¾ खाने से कबà¥à¤œ नाश होता है। à¤à¤• गिलास पालक का रस रोज पीना उतà¥à¤¤à¤® है। पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ कबà¥à¤œ à¤à¥€ इस सरल उपचार से मिट जाती है।
११) अंजीर कबà¥à¤œ हरण फ़ल है। ३-४ अंजीर फ़ल रात à¤à¤° पानी में गलावें। सà¥à¤¬à¤¹ खाà¤à¤‚। आंतों को गतिमान कर कबà¥à¤œ का निवारण होता है।
१२) बड़ी मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा पेट के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤ªà¥à¤°à¤¦ होती है। मà¥à¤¨à¤•ा में कबà¥à¤œ नषà¥à¤Ÿ करने के ततà¥à¤µ हैं। ॠनग मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा रोजाना रात को सोते वकà¥à¤¤ लेने से कबà¥à¤œ रोग का सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ समाधान हो जाता है। à¤à¤• तरीका ये हैं कि मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा को दूध में उबालें कि दूध आधा रह जाठ| गà¥à¤¨ गà¥à¤¨à¤¾ दूध सोने के आधे घंटे पाहिले सेवन करें। मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ लोह ततà¥à¤µ होता है और दूध में आयरन नहीं होता है इसलिठदूध में मà¥à¤¨à¤•à¥à¤•ा डालकर पीया जाय तो आयरन की à¤à¥€ पूरà¥à¤¤à¥€ हो जाती है।
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